उचित देखभाल चाहता है आपका मिक्सर | ( Your mixer wants proper care )

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( Your mixer wants proper care )

‘मिक्सर’अथवा ‘ मिक्सी ‘ का इस्तेमाल घरो में आज सामान्य बात है। यह घरेलू उपकरण मोटर की सहायता से चलता है। 230 वाल्टेज की सामान्य विद्युत-सप्लाई से चलने वाले इस मोटर युक्त उपकरण ने गृहणियों का काम काफी हल्का कर दिया हैं। इस आम इस्तेमाल की वस्तु की आतंरिक संरचना से प्रायः अधिकांश गृहणियां अनभिज्ञ होती हैं। मिक्सी के रख रखाव की उचित जानकारी प्राप्त कर आप उसे लम्बे समय तक सुरक्षित रख सकती हैं

बाजार में तीन आकारो में मिक्सर उपलब्ध है

बाजार में तीन आकारो में मिक्सर उपलब्ध है। छोटी साइज का जग पौन लीटर का होता है, मघ्यम साइज का एक लीटर तथा बड़ी साईज का जग सवा लीटर से डेढ़ लीटर तक का होता है। मिक्सी के स्वरूप को समझने से पूर्व हमें यह जान लेना चाहिए कि ‘ मिक्सर ‘ और ‘ ग्राइंडर ‘ दो अलग – अलग चीजे है। मिक्सर का प्रयोग तरल पदार्थो के लिए होता है तथा सूखे मसाले व अन्य सूखी वस्तुएं पीसने के लिए ग्राइंडर का इस्तेमाल किया जाता है। वैसे ये दोनों एक ही मोटर से चलाएं जा सकते हैं।

मोटर मिक्सर का सबसे अधिक महत्वपूर्ण तथा मंहगा हिस्सा होती है जो सामान्यतः मिक्सर के नीचे वाले भाग में लगी होती है। यह मोटर विभिन्न माॅडलों में अलग – अलग समय तक निरन्तर चलने की क्षमता रखती है। छोटे आकार के माॅडल में मोटर को लगातार दो मिनट तक चलाया जा सकता है, जबकि उच्च कोटि की अच्छी कम्पनी की बड़ी मिक्सी को निरन्तर आधे घंटे तक बिना रूके चलाया जा सकता है।

मोटर वाला हिस्सा सर्वाधिक महत्वपूर्ण होता है

मिक्सर की मोटर का सम्बन्ध नीचे वाले हिस्से के उपर लगे ब्लेडोे से होता है। ये ब्लेड मोटर के द्वारा घूमकर किसी वस्तु को पीसने अथवा फेंटने का कार्य करते हैं। ब्लेड स्टील के बने होते हैं। इसके बाद नम्बर आता है – जार का। जार कई प्रकार के मिलते हैं, एक्रिलिक, शीशे अथवा स्टील के जार आम तौर पर काम में लाए जाते हैं। आजकल तो विभिन्न कार्यो के लिए कई प्रकार के जार उपलब्ध हैं, जैसे ग्राइंडर, जूसर, व्हिप्पर, निंसर आदि। य

ह आवश्यक नहीं है कि सभी अटैचमेंट एक साथ खरीदे जाएं। आप अपनी आवश्यकता के अनुसार अटैचमेंट खरीद सकती है।
मिक्सर की मोटर दस हजार से पन्द्रह हजार चक्कर प्रति मिनट की गति से ब्लेडों को घुमाती है। मिक्सर में लगाई जाने वाली मोटर को ‘ फ्रैक्शनल मोटर ‘ कहा जाता है। यह मंहगी होने के साथ साथ नाजुक भी होती है, इसलिए जरा सी असावधानी से मोटर जल सकती है।

मिक्सी का उपयोग करते समय निम्न सावधानियां अवश्य बरते:

  • ग्राइंडर या मिक्सर को चलाने से पहले पीसने या रस बनाने वाले पदार्थ को जार में डाल दें तथा ढक्कन को भली प्रकार बंद कर दें। जग को कभी भी पूरा नहीं भरें, अधिक से अधिक से दो तिहाई जग भरें।
  • बर्फ हमेशा बारीक पीस कर डालंे। बड़े टुकडे़ मोटर पर अतिरिक्त भार डालते हैं तथा उसके जल जाने की आशंका रहती हैं, साथ ही इससे जग पर खरोंचे पड़ने का भी खतरा रहता है।
  • मिक्सर को कभी भी खाली नहीं चलाएं तथा उसकी समय क्षमता से अधिक देर तक निरन्तर नहीं चलाएं।
  • अधिक गाड़ा मिश्रण मिक्सर में नही डालें। यदि गाड़े मिश्रण के कारण मिक्सर चलने में कठिनाई हो रही हो तो तुरन्त जल की मात्रा बढ़ा दें अथवा मिश्रण की मात्रा कम कर लें।
  • चालू मिक्सर में कभी चम्मच नहीं डालें और न ही उसके अंदर हाथ डालने की भूल करें। याद रखिए, जिस तरह मिक्सर आपके मन-पसन्द पदार्थ को मिनटों में जूस बना सकता है, उसी तरह वह आपकी अंगुलियों के साथ भी कोई दया नहीं दिखाएगा।
  • मोटर एवम् मिक्सर के ऊपरी भाग का सम्बन्ध कपलिंग द्वारा स्थापित होता है। मिक्सर की संरचना इस प्रकार की है कि कपलिंग को सावधानीपूर्वक बिठाने से दोनों हिस्से मजबूती से मिल जाते हैं। असावधानीवश यदि कपलिंग का उपरी हिस्सा निचले हिस्से में अच्छी तरह फिट नहीं हो पाता तो मिक्सर की गति पर तो असर पड़ता ही है, साथ ही कपलिंग भी घिस कर टूट सकते हैं। अतः कपलिंग को सही तरीके से फिट करने के बाबत् इत्मीनान कर लें। घर्षण की आवाज, झटकेे लगने या खर जलने की गंध आने पर तुरन्त मिक्सर बंद कर दें।
  • मिक्सर में अत्यधिक गर्म पानी न डालें। एक्रिलिक के जग को गर्म पानी से न धोएं।
  • जब मोटर चल रही हो तो, उस स्थिति में जग या ग्राइन्डर को हटाने का प्रयास न करें, अन्यथा कपलिंग कट जाने का डर रहता है।

मिक्सर और ग्राइंडर के जार में सामान की मात्रा का सीधा सम्बन्ध मोटर की कार्य क्षमता से होता है। यदि अधिक गाड़ा मिश्रण है तो जग आधा ही भरा जाना चाहिए। यदि मिश्रण पतला है तो पूरा जग भर देने पर भी मोटर पर अधिक दबाव नहीं पड़ता।