लालच का फल | lalach ka fal 2

विवेकी और दयालु राजा एक था राजा। विवेकी और दयालु। प्रजा को प्राणों के समान प्यार करता था। धर्म-कर्म के कामों में भी जी खोलकर सहायता देता था। देवता भी … Read More

पश्चाताप के आंसू

फिल्म खत्म हो चुकी थी। हाॅल के भीतर की बत्तियां जल उठीं। दरवाजे खुल गये। मैंने बस्ते को कंधे पर लटकाया और सिर झुकाये दरवाजे की ओर खिसकने लगा।हाॅल में … Read More

सबसे बड़ा आलसी

बहुत दिन हुए, जापान में चियांग चिंग नामक एक राजा राज्य करता था, राजा कुछ सनकी था, सो वह अपने राज्य में अक्सर कुछ अजीब प्रतियोगिताएं करवाया करता था। ऐसे … Read More

वैद्य का राज

बहुत पहले केरल में नाम्पी नामक एक मशहूर वैद्य रहा करता था। नाम्पी अंधविश्वासों और रूढ़ियों से मुक्त एक सुलझे हुए विचारों का समझदार वैद्य था। वैद्यक नाम्पी का पुश्तैनी … Read More

रटी बात ही क्यों बोलता है तोता?

बहुत दिनों की बात है। घोर तपस्या के कारण बुलबुल को मनुष्य की बोली बोलने का वरदान मिला। बुलबुल ने रास्ते में जाते आदमी से पूछा – ‘‘ कहो, कैसे … Read More

काॅमिक्स की रंगीन दुनिया में खोए बच्चे!

बचपन उम्र का वह निहायत खूबसूरत हिस्सा है, जिसे हर कोई बार-बार और हमेशा-हमेशा पाना चाहेगा। तितलियों के पीछे भागने की मासूम दीवानगी हो या गुब्बारे में बैठकर आसमान में … Read More

जूतों का जुल्म

बैंगदाद शहर में एक लालची सौदागर रहता था। उसका नाम अबू कासिम तंबूरीथा। यद्यपि वह धनी और मालदार था, फिर भी उसके कपड़े फटे-चिथड़े और गंदे रहते।उसके बारे में सभी … Read More