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Mole rat 1 | chachundar | छछूंदर

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छछूंदर Mole rat का जीवनकाल कितना होता है ?

6 वर्ष

छछूंदर Mole rat की गर्भधारण अवधि कितनी होती है ?

40 दिन

छछूंदर Mole rat क्या खाता है

कीडे और केंचुए इनका प्रिय भोजन हैं। यही कारण है कि खेतों के आसपास ही ये सुरंग बनाते हैं ताकि भोजन की तलाश में लंबी दूरी तय न करनी पड़े। छछूंदर चूहे जैसा दिखने वाला एक जीव है, लेकिन यह बिल्कुल अलग प्रजाति का है ।

छछूंदर Mole rat काट ले तो क्या करें ?

किसी भी जानवर के काटने पर एंटी रेबीज इंजेक्शन अवश्य ही लगवाएं। हाइड्रोफोबिया होने से रोगी की मौत भी हो सकती है। कुत्ता, बिल्ली, चमगादड़ चूहा, छछूंदर, नेवला लोमड़ी, बाघ, शेर व अन्य स्तनपायी जानवरों के काटने पर लापरवाही बरतने से रैबीज होने का खतरा बढ़ जाता है। इससे होने वाली बीमारी हाइड्रोफाबिया कहलाती है।

क्या छछूंदर Mole rat जहरीला होता है ?

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छछूंदर इतना जहरीला जीव है कि इसे कोई और जीव नहीं खा सकता। पूरी दुनिया में केवल उल्लू ही एक ऐसा जीव है जो इसे मार कर खा सकता है। छछूंदर के थूक में जहर होता है। इंसान को काट जाए तो उसे लकवा मार सकता है।

चूहा और छछूंदर Mole rat में क्या अंतर है?

छछूंदर चूहे जैसा दिखने वाला एक जीव है, लेकिन यह बिल्कुल अलग प्रजाति का है । हालांकि इसका रंग चूहे जैसा होता है, लेकिन बाल मखमली होते हैं। गर्दनविहीन छछूंदरों के कान छोटे होते हैं और पूछ लंबी। कुछ लोग छछूंदर को अंधा जीव मानते हैं जबकि वास्तव में वह ऐसा नहीं होता।

छछूंदर भगाने के 3 उपाय

1.छछूंदर को भगाने के लिए घर के हर कोनों में रूई में पिपरमेंट को लेकर रख दें।
2.पुदीने की पत्ती या फूल को लेकर कूट लें और इसे छछूंदर के बिल के पास या आने वाली जगहों के पास रख दें।
3.लालमिर्च के पाउडर को छछूंदर के आने जाने वाली जगह पर रख दें।

छछूंदर के काटने से क्या होता है ?

हाइड्रोफोबिया होने से रोगी की मौत भी हो सकती है। कुत्ता, बिल्ली, चमगादड़ चूहा, छछूंदर, नेवला लोमड़ी, बाघ, शेर व अन्य स्तनपायी जानवरों के काटने पर लापरवाही बरतने से रैबीज होने का खतरा बढ़ जाता है। इससे होने वाली बीमारी हाइड्रोफाबिया कहलाती है।

एक रहस्यमयी और कुतूहल जनक प्राणी chachundar

 छछूंदर को एक रहस्यमयी और कुतूहल जनक प्राणी माना जाता है। इसके सम्बन्ध में न जाने कितनी कहावतें और किवदंतियां प्रचलित है। प्रकृति विज्ञान के विशेषज्ञ इसे एक खतरनाक जन्तु मानते है। जीव-विज्ञान के भाषा कोष में इसका नाम सारेक्स औरेरियस‘  बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि छछूंदर इस धरती पर मनुष्य से पहले अस्तित्व में आया। अपनी विभिन्‍न प्रजातियां के साथ यह संसार के तकरीबन हर हिस्से में पाया जाता है।

आकार चूहे से कुछ मिलता-जुलता मगर संरचना चूहे से बिल्कुल अलग

शारीरिक दृष्टि से इसका आकार चूहे से कुछ मिलता-जुलता अवश्य है किन्तु  मूलतः इसकी संरचना चूहे से बिल्कुल अलग है। सामान्यतया इसकी लम्बाई 6 इंच के लगभग होती है। इसकी थूथन लंबी व नुकीली होती है। छोटी पूंछ वाले इस प्राणी के शरीर पर नर्म रोएंदार बाल होते हैं, जिनका रंग आमतौर पर भूरा या स्लेटी होता है। पांवों में पंजे नहीं होने के कारण यह बिल बनाने में असमर्थ रहता है। इसकी छोटी-छोटी आंखो में दृष्टि- क्षमता नहीं के बराबर होती है किन्तु इसकी घ्राण घ्राण क्षमता (सूंघने की शक्ति) अद्भुत होती है।

जन्म के समय बच्चे मधुमक्खी के आकार के

छछूंदर किसी पेड़ की कोटर, सुरक्षित गड्डे, घरों के अंधेरे कोने आदि स्थानों को अपने निवास के तौर  पर इस्तेमाल करता है। मादा छछूंदर किसी सुरक्षित स्थान पर अपने प्रजननकाल के दौरान चार से दस तक बच्चो को जन्म देती है। जन्म के समय ये बच्चे मधुमक्खी के आकार के होते है। जन्म के एक सप्ताह बाद यह चलने योग्य हो पाते हैं। तीन-चार सप्ताह तक मादा छछूंदर अपने बच्चों के भोजन के लिए दीमक आदि का इंतजाम करती है। कुछ समय बाद स्वालंबी हो जाने पर ये बच्चे खुद अपने भोजन की तलाश में निकल जाते हैं।

यदि समय पर खाना नहीं मिल सके तो  शाम तक इसकी भूख से मृत्यु हो जाए

छछूंदर का मुख्य आहार छोटे-मोटे कीड़े-मकौडे, अनाज के दाने, फल, जूठन से बचा हुआ भोजन आदि  है। यह एक जबरदस्त पेटू किस्म का प्राणी है। अपने वजन के बराबर खाद्य सामग्री यह तीन घण्टे में खा डालता  है। इसे हमेशा खाने को कुछ-न-कुछ चाहिए। खाद्य सामग्री को देखकर यह बहुत जल्दी उतावला व उत्तेजित हो जाता है।

भूख की अवस्था में यह अपने से अधिक शक्ति वाले और आकार में बडे जन्तु तक पर टूट पड़ता है और उसे मारकर निगल लेता है। यह चूहों को भी सरलता से मारकर उन्हें खाल  सहित खा जाता है। खाद्य पदार्थ से प्राप्त ऊर्जा को यह इतना शीघ्र खर्च कर देता है कि यदि इसे समय पर दुबारा खाना नहीं मिल सके तो  शाम तक इसकी भूख से मृत्यु हो जाए।

छछूंदर Mole rat एक लीक पर चलने वाला प्राणी

छछूंदर एक लीक पर चलने वाला प्राणी है। यह अपने आवागमन के रास्ते को एक बार निर्धारित करने के बाद प्रायः नहीं बदलता। इसके रास्ते अंधेरे में स्थित दीवारों के सहारे होते हैं। यदि इसके निश्चित पथ में कोई रूकावट रख दी जाए तो यह उस रूकावट से एक-दो बार टकराने के बाद नया रास्ता तय करता है। बाद में रूकावट के उन्मूलन के बाद भी यह इसी नए रास्ते का इस्तेमाल करता रहता है।

बदबू के कारण अन्य जानवर छछूंदर को शिकार नही बनाते

ऐसा कहा जाता है कि छछूंदर के थूक की गिल्टियों में एक प्रकार का विषैला प्रदार्थ रहता हैं। इसके दांत  लगते ही शिकार के शरीर में विष फैल जाता है। इसके शरीर की त्वचा से एक विशेष प्रकार की गंध निकलती रहती है,  जो अन्य जन्तुओं के लिए असहनीय होती है। यही कारण है कि सांप  जैसा भयंकर विषधर भी छछूंदर का शिकार करने में हिचकिचाता है।

इसी गंध के कारण चूहे भी छछूंदर से कतराते है। भूल से यदि कोई कुत्ता या लोमडी इसे धर दबोंचे तो मुंह में पकड़ते ही इसे तुरन्त छोड़कर भाग खड़े होते हैं। उल्लू जरूर छछूंदर को  खा सकता है, लेकिन खाकर इसे हजम करना भी हर उल्लू के बस की बात नहीं है। ज्यादातर उल्लू इसे खाकर बीमार हो जाते हैं।

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Mole rat | छछूंदर

छछूंदर की औसत आयु छः वर्ष होती है

छछूंदर की औसत आयु छः वर्ष है। वैसे तो यह एक वनवासी प्राणी है किन्तु यह घरों में भी पाया जाता है। कुछ लोग इसका घर में रहना शुभ मानते हैं। कृषि तथा वन सम्पदा को नुकसान पहुंचाने वाले कीडे-मकोडो को खा कर यह आदमी से दोस्ती निमाता है।