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सेहत के लिए शहद | Honey for health

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शहद Honey

शहद हजारों सालों से उपयोगी

‘शहद’ अथवा ‘मधु’  मिठास क़ा वह खजाना है,  जिसका नाम सुनने-मात्र से ही मुंह में मिठास–सी घुलने लगती है। अब तक ऐसी कोई तरल व मीठी वस्तु वैज्ञानिक नहीं खोज पाए हैं, जो शहद से अधिक शुद्ध  और मीठी हो। शहद की उपयोगिता और लोकप्रियता विश्व-व्यापी है। हमें यह समझ लेना चाहिए कि शहद को जो महत्ता प्राप्त हो रही है, वह आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधानों का परिणाम नहीं है अपितु हजारों सालों पहले से पूरे विश्व में, सभी धर्मों व धर्म-शास्त्रों में तथा सभी सभ्यताओं में शहद को एक महत्वपूर्ण, पवित्र और अत्यंत  उपयोगी पदार्थ माना जाता रहा है।

मानव-सभ्यता के इतिहास जितना पुराना है शहद

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 संभवतः शहद का इतिहास मानव-सभ्यता के इतिहास जितना ही पुराना  है। सभ्यता के आदि-काल से ही शहद एक उत्तम और प्रिय आहार के रूप  में स्वीकारा जाता रहा है। मिस्र के अति-प्राचीन पिरामिडों तथा ओबेलिस्क निर्माणों पर शहद का आहार व औषधि के रूप में उपयोग के जो विवरण प्राप्त हुए हैं,  वह शहद की अनोखी रोग-निवारक क्षमता को उजागर करते हैं। सन्‌ 1923 में मिस्त्र के बादशाह फराओ तूतेन खामेन की कब्र पर मिरामिड में रूसी वैज्ञानिकों ने शहद का एक पात्र खोजा। इसमें तैंतीस हजार वर्ष पुराना शहद था। इतना पुराना होने के बावजूद शहद पूर्णतया शुद्ध था।  उसके स्वाद व गुण में कोई अंतर नहीं आया था। ऐसा वस्तुतः शहद की  रोगाणु-नाशक क्षमता के कारण ही संभव है।

विभिन्न धर्मों में शहद

पौराणिक व धार्मिक दृष्टि से भी शहद को पर्याप्त महत्व प्राप्त है। हिंदू पौराणिक कथाओं में भगवान विष्णु को कमल पर आसीन मधुमक्खी के रूप में चित्रित किया गया है। प्राचीन यूनानी देवताओं को अमर माना जाता था क्योंकि उनका आहार शहद से निर्मित एम्ब्रोसिया होता था।

चीन, मिस्त्र, बेबीलोन, हिब्रू, ग्रीक आदि सभ्यताओं में शहद को एक पवित्र वस्तु व रोग निवारक औषधि के रूप में सम्मान प्राप्त था। ईसाई धर्म में स्वर्ग का वर्णन दूध और शहद से युक्त देश के रूप में किया गया है।  इस्लामी विश्वासों के अनुसार यह माना जाता है कि जन्नत में भोजन के रूप में दूध और मधु प्राप्त होंगे। यहूदी शहद को धार्मिक पवित्रता के साथ बल व बुद्धिवर्धक पदार्थ मानते हैं। हिन्दू धर्म में जन्म से मृत्यु तक सोलह संस्कारों  में शहद को एक अनिवार्य पदार्थ बताया गया है। विवाह संस्कारों में मधुपर्क विधि में शहद को आवश्यक बताया गया है।

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शहद Honey

इतिहास -प्रसिद्ध महान लोगों की पसंद शहद

महान गणितज्ञ पाइथोगोरस अपने 90 वर्ष के दीर्घ जीवन में नियमित रूप से शहद का सेवन करते थे। रोमन कवि ओविड शहद के बहुत बड़े प्रशसंक थे .और उन्होंने शहद का यशोगान करते हुए कई कविताएं लिखीं। शतायु जीवन जीने वाले हेपोक्रेट्स प्रतिदिन भोजन के साथ शहद का उपयोग करते थे। महान दार्शनिक अरस्तू की मान्यता थी कि शहद व्यक्ति को स्वस्थ व दीर्घायु बनाने की अद्भुत क्षमता रखती ह

वैसे तो शहद की आरोग्य क्षमता और रोगाणुनाशक क्षमता सदियों पूर्व सिद्ध हो चुकी है किंतु अमेरिकी चिकित्सा विज्ञानी डाक्टर ए.वी. स्टुआर्टवेंट ने शहद के गुणों व क्षमता पर व्यापक अनुसंधान व शोध करने के बाद पाया कि पुराने श्वासरोग (दमा) और पेचिश में पाए जाने वाले रोगाणु 48 घंटों तक शहद में रखने से मर गए और टाइफाइड के रोगाणु 120 घंटों की अवधि में समूल नष्ट हो गए। प्रयोग के बाद डाक्टर स्टुअर्टवेंट ने बताया कि इसकी वजह शहद की वह क्षमता है, जिससे वह आसपास की नमी को अवशोषित कर लेता है।

कोलोरेडो यूर्निवसिटी के जीवाणु विभाग के अध्यक्ष डाक्टर सेंक भी कई प्रयोगों के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि शहद में अनेक रोगों के रोगाणुओं को नष्ट करने की अदभुत क्षमता है। प्रसिद्ध खाद्य वैज्ञानिक डाक्टर जी डब्ल्यू0 एन0 थामन ने लेसेन्ट पंत्रिका में प्रकाशित अपने लेख में शहद को रोगी की आंतरिक शक्ति बढ़ाने वाला, हृदय की गति में वृद्धि करने वाला तथा मांसपेशियों को दृढ़ता प्रदान करने वाला पदार्थ बताया है।

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शहद Honey

शहद का रासायनिक विश्लेषण

यदि शहद का रासायनिक विश्लेषण किया जाए, तो इसमें सत्रह से तेईस प्रतिशत तक जल, 65 प्रतिशत तक फल व अंगूर की शर्करा एवं लगभग दस प्रतिशत तक खनिज प्रदार्थ होते हैं, जिनमें पोटेशियम, गंघक सिलीका, लोहा, तांबा, मैगजीन आदि शामिल हैं। इसके अलावा ग्लूकोनिक एसिड, साइट्रिक एसिड, लैकटिक एसिड जैसे अम्लीय पदार्थ भी शहद में पाए जाते हैं। साथ ही, 0.25 प्रतिशत प्रोटीन व लगभग एक प्रतिशत एंजाइम्स व विटामिन का भी शहद में समावेश रहता है।

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शहद में बेक्टीरिया-निरोधक तथा फफूंद निरोधक गुण

शहद में खासतौर बेक्टीरिया-निरोधक तथा फफूंद निरोधक गुण होते हैं l शहद का कैलोरिक मूल्य अन्य पदार्थों की अपेक्षा कहीं अधिक होता है। सौ ग्राम शहद में 30 से 350 कैलोरी तक होती है। कठोर मेहनत करने वाले व्यक्तियों व खिलाड़ियों के लिए शहद तत्काल शक्ति देने वाला पदार्थ है। सेवन के तुरंत बाद रक्‍्त-प्रवाह में शामिल होकर यह शरीर को ऊर्जा व बल देती है। शहद पाचन किया से लेकर जख्म भरने तक सैंकड़ों रोगों में औषधि है।

पूसा साइंटिस्ट ने बताया सिरप और असली शहद में फर्क