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विश उतारने के घरेलू उपाय


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खेतों में या भंडार घरों में अक्सर बिच्छू, सांप और चूहे होते हैं, जो असावधानी होने पर काट लेते हैं। ये जन्तु विषैले होते हैं, इनके काटने से पीड़ा होती है, समय पर इलाज न करने से प्राण भी जा सकते हैं। यदि किसी बिच्छू या सांप ने काट लिया, तब आप क्या करेंगे? ऐसे समय आपको विष उतारने के घरेलू उपाय मालूम होने चाहिए। नीचे कुछ ऐसे उपाय दिये जा रहे हैं, जिनसे विष का असर या तो खत्म हो जाता है, या कम जरूर हो जाता है।

बिच्छू का विष
 कड़वे नीम के पेड़ों या नीम के फूल चिलम में भरकर ऊपर से बिना घूएं का अंगारा रखकर, तम्बाकू की तरह पीने से बिच्छू का विष उतर जाता है।
 कुचले का बीज या जड़ पानी में घिसकर बिच्छू के डंक लगने के स्थान पर लगायें।
 बिच्छू के डंक लगाये स्थान पर प्याज के दो टुकड़े करके लगायें।
 डंक लगे स्थान पर गुलाब का इत्र लगायें।
 कपास के पेड़ों और राई एक साथ पीसकर डंक लगे स्थान पर लेप करें।
 नीम गिलोय पानी में पीसकर पिलाने से कै (उल्टी) होने लगती है, ऐसा होने से विष उतर जाता है।
 बिच्छू के काटने पर उस स्थान पर आंकड़े के पेड़ों का रस लगाने से भी विष असर नहीं करता है।
 शहद, घी और चूना बराबर मात्रा में मिलाकर डंक लगे स्थान पर लगाने से जहर असरहीन हो जाता है।
 सिरके में भिगोया फाया डंक लगी जगह पर रखें।

सर्प विष
 कड़वी तुलसी के पेड़ों और उसकी जड़ पानी में पीसकर सांप काटे हुए रोगी को पिलाने से उसका विष असरहीन हो जाता है।
 काली मिर्च, सेंधा नमक और दुगनी मात्रा में कड़वे नीम के फलों को शहद के साथ देने से भी सर्प का विष उतर जाता है।
 सांप के काटे हुए व्यक्ति को कड़वे नीम चबाने के लिए तब तक देते रहें, जब तक कि उसे नीम के पेड़ों कड़वे महसूस न हों। जब उसे नीम के पेड़ों कड़वे लगें, तब समझें कि जहर उतर गया है।
 कड़वी तूम्बी के पेड़ों या उसकी जड़ थोड़े पानी में मिलाकर पिलाने से सांप का जहर असरहीन हो जाता है।
 सफेद कनेर के सूखे फल, कड़वा तम्बाकू और छोटी इलाइची के बीज को मिलाकर बारीक पीस लें और सांप के काटे हुए व्यक्ति को सुंघाऐ। ऐसा करने से सर्प-विष उतर जाता है। अन्य विष
 चूहे के काटने पर करंज की छाल और बीज को पानी में पीसकर लेप करने से जहर असर नहीं करता है।
 मकड़ी के काटने पर थोड़ा सा अमचूर गौ-मूत्र के साथ घिसकर लगाने से जहर तुरन्त उतर नष्ट हो जाता है।
 चूना, घी और चिरोंजी तीनो को बराबर मात्रा में पीसकर मकड़ी के काटे गये स्थान पर लगाने से जहर का असर नहीं होता है।
 गाय के दूध में शुद्ध घी मिलाकर पीने से कुचले का जहर असर नहीं करता है।
 शहद की मक्खी काटने पर लोहा घिसकर लगाने से आराम मिलता है।
 पागल कुत्ते के काटने पर सफेद जीरा, स्याह जीरा और काली मिर्च को बराबर मात्रा में पीसकर देने से विष का प्रभाव नष्ट हो जाता है।
 कुत्ते के काटे स्थान पर प्याज को बारीक पीस कर शहद के साथ लगाने से भी विष का असर कम हो जाता है।

विशेष – उपरोक्त प्रारम्भिक उपचार हैं, इन्हें तभी अपनाया जाना चाहिए जब तक मरीज को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध न हो। यथाशीघ्र मरीज को चिकित्सकीय सहायता दिलाने का अवश्य प्रयत्न करना चाहिए।