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होलीः विदेशों में

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आपको यह जानकर निश्चय ही आश्चर्य की अनुभूति होगी कि रंगों का रंगीला पर्व होली केवल हमारे देश भारत में ही नहीं, अपितु विदेशों में भी मनाया जाता है। हां, विदेशों में होली मनाने के रंग-ढंग हमसे कुछ भिन्न जरूर हैं, किंतु वहां पर भी उसी उत्साह व उमंग से होलियां मनाई जाती है। आइए, आपसे होली के मौके पर अन्य देशों में मनाई जाने वाली होलियों की जानकारी दें।
सबसे पहले आपको लिए चलते हैं फ्रांस में। फ्रांस के लोग बेहद उत्साह से होली मनाते है। इस दिन फ्रांसीसी लोग काफी हुड़दंग मचाते हैं और एक दूसरे पर रंग-बिरंगे गुलाल और रंग मलते हैं। प्रतिवर्ष 13 अप्रैल को मनाये जाने वाले इस त्यौहार को फ्रांस में ‘मूर्खो का त्यौहार‘ कहा जाता है। वहां जो भी होली के हुड़दंग से बचने की कोशिश करता है, उसका मुंह सभी हुड़दंगी मिलकर काला कर देते हैं और उसके सिर पर नकली सींग लगाकर उसे भैंस की आकृति दी जाती है। फिर उसे सारे बाजार में घुमाया जाता है। इससे एक दिन पहले घास-फूस की बनी मूर्तियों को सारे दिन नगर में घुमाकर सांझ को उन्हें जला दिया जाता है।
इटली में होली का प्रतिरूप त्यौहार ‘बेलियाकोनोन्स‘ के नाम से मनाया जाता है। इस दिन छोटे-बड़े सभी एक दूसरे पर सुंगधित जल छिड़कते हैं और उन्हें घास के बने आभूषण भेंट करते हैं। यहां पर होली काफी शालीनता से मनाई जाती है। अन्न की देवी ‘फ्लोर‘ को खुश करने के वास्ते तथा खेती की उन्नति के लिए शाम को बिल्कुल भारत की तरह इटली के लोग लकड़ियां एकत्र कर जलाते हैं और अग्नि के आस पास नाचते-कूदते है। इस मौके पर आतिशबाजी करने की प्रथा भी यहां प्रचलित है।
चेकोस्लावाकिया में होली को ‘बेलियाकोनोन्स‘ के नाम जाना जाता है। यहां पर इस दिन लोग भारत की ही तरह एक दूसरे पर रंग छिड़कते हैं और गुलाल मलते है। इस मौके पर नाच-गाना भी होता है।
अफ्रीका में मार्च-अप्रेल के मध्य मनाया जाने वाला त्यौहार ‘आमेना वेका‘ भारतीय होली का मिलता-जुलता रूप है। यहां पर ‘वोंगा‘ नामक एक अत्याचारी राजा का पुतला जलाया जाता है। इस संबंध मंे यह मान्यता प्रचलित है कि ‘वोंगा‘ नामक एक अत्याचारी राजा को प्रजा ने जलाकर मार डाला था। तब से प्रतिवर्ष उसी ढंग से वोंगा का पुतला बनाकर जलाया जाता है और खुशियां मनाई जाती हंै। यह कथा भारत में प्रचलित किरणाकश्यप की कथा से मिलती-जुलती है। दूसरे दिन कुछ अफ्रीकी क्षेत्रों में एक दूसरे पर रंग छिड़केे जाते है।
अमेरिका में एक त्यौहार मनाया जाता है -‘होबो‘! होबो के दिन दुनिया-भर का फूहड़पन अमेरिका में देखा जा सकता है। उस दिन होबो बने लोगों की एक सभा होती है। उस सभा में जाने के लिए जो पोशाक पहनी जाती है, उसमें किसी की पतलून की एक टांग गायब तो किसी ने शर्ट के बटन पीछे की ओर लगा कर पहना होता है। किसी के एक पैर में जूता है तो दूसरे पैर में चप्पल। चेहरे पर ऐसा मेकअप किया जाता है कि खुद होबो के घरवाले भी पहचान न पाएं। इस सभा में जो सर्वाधिक बेहूदगी करता है, उसकी प्रशंसा की जाती है और उसे अन्य होबोओं द्वारा पुरूस्कृत भी किया जाता है। अमेरिका में ही 31 अक्टूबर को ‘हेलाईन‘ नाम से रंगों का त्यौहार भी पूरे उत्साह व उल्लास से मनाया जाता है।
यूनान में ‘मेपोल‘ नाम से एक त्यौहार मनाया जाता है। इस उत्सव में एक खम्भा गाड़ा जाता है और उसके आस-पास ढेरों लकड़िया एकत्र कर रात के समय उनमें आग लगा दी जाती है। इस दिन लोग अपने देवता ‘डायनोसिय‘ की पूजा कर जमकर शराब पीते हैं।
रूस में 31 मार्च के दिन हर साल ‘हास्य-पर्व‘ मनाया जाता है। इस दिन यहां भारत सरीखे महामूर्ख सम्मेलन इत्यादि आयोजित किए जाते है।
पौलेण्ड के लोग ‘आरशिना‘ नामक त्यौहार होली की भांति ही मनाते हैं। यहां लोगो की टोलियां इस दिन एक दूसरे पर फूलों से निर्मित रंग डालती हैं और आपस में गले मिलती हैं। मिस्र में भी मार्च माह में होली की तरह ही एक त्यौहार मनाया जाता है, जिसमें रंगों का भरपूर उपयोग होता है। यहां इसे ‘फलिका‘ नाम से जाना जाता है।
थाईलेण्ड में इसे ‘सांग्क्रान‘ कहा जाता है। अप्रैल माह में मनाए जाने वाले इस त्यौहार में लोग एक दूसरे पर सुंगधित जल डालते हैं व बौद्ध भिक्षुओं को भेंट देते है।
भारत के पड़ोसी देश बर्मा में होली को ‘तेच्या‘ कहा जाता है। यहां यह पर्व चार दिन तक मनाया जाता है। इन चार दिनों में बच्चे-बड़े सभी राह चलते लोगों पर पिचकारियों से रंग फेंकते है। इस पर्व के अवसर पर एक दिन का राष्ट्रीय अवकाश भी होता है। पड़ोसी देश श्रीलंका में भी भारत के तौर-तरीकों से होली मनाई जाती है। वहां के लोग रात में ‘होलिका-दहन‘ करते हैं और दूसरे दिन रंग-गुलाल भी खेलते है।
चीन में लोकप्रिय पर्व ‘च्वेजे‘ के दिन से एक पखवारे तक खुशियां मनाई जाती हैं। वहां यह पर्व बसंत के बाद प्रारंभ होता है और हर चीनी उसमें बड़े उमंग से हिस्सा लेता है।
जर्मनी में ईस्टर के दिन बच्चे लकड़ियां एकत्र कर उसमें आग लगा देते हैं। बच्चे और युवक आपस में रंग भी खेलते हैं।
इन देशों के अलावा भी विश्व के अन्य अनेक देशों में अलग-अलग अंदाज से होली मनाई जाती है। सचमुच यह जानना कितना रूचिकर है कि होली एक अंतर्राष्टीªय त्यौहार है।