pexels andrea piacquadio 3807850

थकान- समस्या और समाधान | Fatigue – Problems and Solutions

pexels andrea piacquadio 3771115
Fatigue – Problems and Solutions

थकान आधुनिक युग की एक आम बीमारी (Fatigue – Problems and Solutions )

थकान आधुनिक युग में एक आम बीमारी बन चुकी है। हर तरफ थके हुए लोग नजर आते हैं। श्रमिक को शारीरिक थकान है, बुद्धिजीवी मानसिक रूप से थके हुए हैं,  घरेलू महिलाएं काम के बोझ तले थकावट महसूस कर रही हैं,  तो कामकाजी महिलाएं दोहरी जिम्मेदारियों के कारण थकावट महसूस कर रही हैं। इस तेज रफ्तार  जमाने में हर कोई थका हुआ है।

pexels andrea piacquadio 3808057 1
Fatigue – Problems and Solutions

‘थकान’ है क्‍या?

आखिर यह ‘थकान’ है क्‍या ? सामान्यतः: शारीरिक और मानसिक परिश्रम करने के पश्चात प्रत्येक व्यक्ति एक प्रकार की शिथिलता अपने तन-मन में अनुभव करता है। यह अनुभूति थकान है,  जो एक नैसर्गिक और स्वाभाविक प्रकिया है किन्तु जिस थकान का यहां  किया जिक्र जा रहा है, वह इस स्वाभाविक थकान से सर्वथा  भिन्‍न है।  अकारण होने वाली थकान ही एक बीमारी है। कई व्यक्ति, जो थका देने वाला कोई शारीरिक अथवा मानसिक कार्य नहीं करते, उन्हें भी हरदम थकान घेरे रहती है। थकान की यह अनुभूति जब आप में स्थाई रूप से घर कर जाती है,  तब समस्या अधिक जटिल हो जाती है।

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, रूचि और इच्छाओं के कम होने की अवस्था ही थकान है, जो रूचि और इच्छाओं के अनुपात में क्रमशः घटती या बढ़ती रहती है। सामान्य  अर्थों में आम आदमी की शारीरिक और मानसिक शिथिलता को थकावट माना जाता है। वैज्ञानिक भाषा में इस अवस्था को ‘न्यूरेस्थीनिया’  कहा जाता है।जहां सामान्य थकान एक सहज प्राकृतिक प्रकिया है, वहीं असामान्य थकान एक  प्रकार का रेाग है, जिसका यथा-शीघ्र  निदान कर उपचार करना आवश्यक है। असामान्य थकान भी शारीरिक और मानसिक दोनो स्तरों पर हो सकती है।

pexels rodnae productions 5542905 1
Fatigue – Problems and Solutions

थकावट के सामान्य लक्षण

वैसे तो थकान ही अपने आप में रोग का लक्षण है। फिर भी थकावट के रोगी में इसके सामान्य लक्षण देखे  जा सकते हैं। हमेशा चिंतामग्न रहना, भूख न लगना, तनाव, अनिद्रा आदि स्थाई थकान के सामान्य लक्षण है। मानसिक उदासीनता, चिड़चिड़ापन, स्फूर्ति और उत्साह का अभाव जैसे तत्व थकान से जुडे रहते हैं।

 चिकित्सा विज्ञान की आधुनिक खोजों से प्रकाश में आया है कि शरीर के रक्‍त और ऑक्सीजन में मौजूद  शर्करा की मात्रा जब कम हो जाती है, तो मांसपेशियों  को पर्याप्त खुराक नहीं मिल पाती l  इस कारण मांसपेशियां शिथिल होकर शारीरिक सौन्दर्य को कम करती हैं, परिणामस्वरूप आदमी थकान का शिकार हो जाता है।  इसके अतिरिक्त, मधुमेह,  रक्‍ताल्पता,  थायराइड ग्रन्थि का असंतुलन,  भोजन में पोषक तत्वों की कमी, शरीर में लौक्टिक अम्ल की वृद्धि आदि भी थकान पैदा करने के अन्य कारण हैं।

 बढ़े हुए मोटापे के कारण शरीर पर चर्बी चढ़ने लगती है और इस वजह से ग्रन्‍्थियां सक्रिय  नहीं रह  पाती। इस प्रकार मोटापा भी स्थाई थकान को आमंत्रित करता हैं। शारीरिक दुर्बलता की स्थिति में भी आदमी को थकान की शिकायत हो सकती है। दुर्बल और कमजोर व्यक्ति सामान्य-सा परिश्रम करने पर भी थककर चूर हो जाता है।

थकान के मानसिक कारणों में चिंता, तनाव, बोरियत, अंतर्द्वंद्व  आदि का नाम गिनाये जा सकते  हैं । आज की तनावपूर्ण जिन्दगी में यह सब आम बातें हैं।  जो व्यक्ति मानसिक स्तर पर परिस्थितियों से सामंजस्य नहीं  स्थापित कर पाते, वह अंततः थकान के शिकार हो जाते है।

थकान का तात्कालिक एवं सबसे महत्वपूर्ण उपचार है – विश्राम। थके हुए शरीर  और मन को पूर्ण रूप से विश्राम दीजिए। आराम से बैठकर या लेटकर अपनी सुविधानुसार विश्राम करने से आप थकान से निजात पा सकते हैं। जिस प्रकार जीवन में श्रम की महत्ता होती है,  उसी प्रकार विश्राम की भी आवश्यकता होती है। श्रम  जीवन का निर्माण करता है, तो विश्राम जीवन की आधार-शिला है।

Immunity बढ़ाने के 3 तरीके + अपना Immunity Score जानिए | Satvic Movement

Fatigue – Problems and Solutions

विश्राम की प्रक्रिया  को हम दो भागो में मोटे तौर पर बांट सकते हैं। पहला अल्पकालिक विश्राम – जब हम दो-चार घण्टे या अधिक समय तक निरन्तर कार्यरत रहते हैं और एक प्रकार की थकान अनुभव करते हैं, तो बीच में कुछ समय का अंतराल देकर उस दौरान चाय पीकर, पान आदि लेकर, थोड़ा घूम-फिरकर या गप्पें  लड़ाकर विश्राम  कर सकते हैं। इससे कार्य की एकरूपता से उत्पन्न हुई बोरियत एवं थकावट दूर हो जाती है और हम खुद को पुनः तरोताजा पाते हैं। यह अल्पकालिक विश्राम न केवल थकावट को दूर करता है, बल्कि  आदमी की कार्य क्षमता में भी वृद्धि करता है।

 किसी कार्य में नष्ट  हुई ऊर्जा को पुनः प्राप्त करने के लिए पर्याप्त निर्विघ्न नींद अति आवश्यक है। नींद  का अभाव मनुष्य को थकान विभिन्‍न रोगो की ओर घकेलता है। अतएव पर्याप्त नींद अच्छे स्वास्थ्य की प्रथम एवं अनिवार्य शर्त है। नींद मस्तिष्क के तंतुओं और शरीर के स्नायुओं को आराम पहुंचाकर थकावट को दूर करती है। प्रोटीन युक्त आहार, चोकरदार आटे से बनी रोटी और सफेद चीनी के स्थान पर प्राकृतिक शर्करा का उपयोग  थकान की शिकायत को दूर करता है।

अति-परिष्कृत खाद्यान्न, अत्यधिक मात्रा में चीनी और कोला पेयों का अधिक सेवन थकान को आमंत्रित करते है। आदमी को सदैव स्फूर्तिवान रहने के वास्ते अपने आहार में हरी सब्जी,  सलाद, दूध, पनीर,  फल, अंकुरित गेहूं, शहद आदि को पर्याप्त स्थान देना चाहिए।

pexels andrea piacquadio 3807850 1
Fatigue – Problems and Solutions

निरन्तर शारीरिक निष्क्रियता तन-मन को एक आलस-भरी थकान से सरोबार कर देती है। टहलना, खेलकूद,  नियमित व्यायाम व्यक्ति की कार्य क्षमता में बीस प्रतिशत तक वृद्धि करते हैं l  मानसिक कार्य करने वाले लोगो के लिए तो शारीरिक व्यायाम और भी अधिक आवश्यक है।थकान का शरीर से जिंतना सम्बन्ध है, उससे अधिक यह आपकी मनःस्थिति से ताल्लुक रखती है। यदि आप थकान जैसे रोग से पीड़ित है, तो अपनी समूची जीवन शैली का ईमानदारी से विवेचन कीजिए और तनाव के कारणों को खोजकर उन्हें दूर करने के प्रयास कीजिए। जीवन जीने की चींज है। इसे पूरे उत्साह और आनन्द के साथ लीजिए।

अपने कार्य की नीरसता के बीच आनन्द एवं हास-परिहास के कुछ पल ढूंढ़ना कोई मुश्किल काम नहीं है। अपनी अभिरूचियों को व्यापक आघार देकर आप न केवल बोरियत  एवं थकान से मुक्ति पा सकते है, बल्कि सृजन की यह रचनात्मक शक्ति आपके व्यक्तित्व के वास्ते वरदान साबित होंगी। जीवन की एकरसता को भंग करते हुए कभी अचानक लीक से हटकर कोई कार्यकम बनाइए। आप देखेंगे कि थकान जैसी चीज आपको छू भी  नहीं पाएगी।

अपने खाली समय का इस्तेमाल थकान अनुभव करने के बजाय  साहित्य, कला, विज्ञान, सिनेमा अथवा  अपनी रूचि के विषय में करके आप संतुष्टि पा सकेंगे। थकान से बचने के लिए सदैव प्रसन्‍नचित और हंसमुख रहें। जीवन के प्रति आपकी आस्था एवं सकारात्मक दृष्टिकोण आपके आचरण में  परिलक्षित होने चाहिए। याद रखिए, आत्मकेन्द्रित होकर आप थकान को दावत  देने के साथ ही सामाजिक स्तर पर भी अपनी लोकप्रियता को  दांव पर लगा रहे होते हैं।

थकान चाहे शारीरिक हो या मानसिक, आमतौर पर रहन-सहन, खान-पान, नियमित  व्यायाम और मानसिक स्तर पर समुचित परिवर्तन कर उसे दूर किया जा सकता है। असामान्य थकान की सूरत में अपने  चिकित्सक से परामर्श जरूर लें।

थकान से छुटकारा पाने के लिए हिंदी में

Fatigue – Problems and Solutions

Fatigue – Problems and Solutions