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fasting | उपवास

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fasting

उपवासविश्व-व्यापी परम्परा fasting

उपवास एक धार्मिक अनुष्ठान के रूप में प्रतिष्ठित विश्व-व्यापी परम्परा है | संसार के सभी धर्मों द्वारा व्रत-उपवास धार्मिक क्रिया-कलापों के तौर पर माने जाते हैं  । इन्हें धार्मिक अनुष्ठानों के एक महत्वपूर्ण अंग की  भांति मान्यता प्रदान की गई हैl 

हिन्दू  धर्म में तो व्रत-उपवास की महत्ता को धर्म-साधना के अनिवार्य अंग के रूप में  रूप में उपवास को आत्म संयम और प्रभु की दया प्राप्ति का साधन मानते है । बौद्ध व जैन धर्म में तो उपवास को  अत्यधिक महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है । जैन धर्म में मोक्ष प्राप्ति के साधन के रूप में तीर्थंकरों द्वारा तपश्चर्या और  लम्बे उपवासों का वर्णन धार्मिक ग्रंथो में मिलती है ।

सभी प्रमुख धर्मों में उपवास महत्वपूर्ण

विश्व के सभी प्रमुख धर्मों में जब उपवास को इतना महत्वपूर्ण माना गया है, तब अवश्य ही इसकी पृष्ठभूमि में वैज्ञानिक दृष्टिकोण रहा होगा ।

आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधानों ने साबित कर दिया है कि उपवास मात्र धार्मिक रूढ़ि  नहीं है, बल्कि इस अनुष्ठान के पीछे सेहत और शारीरिक संचालन का एक सर्वकालिक व सुविचारित चिंतन छुपा हुआ है । आज चिकित्सा-विज्ञान उपवास को स्वास्थ्य के प्राकृतिक नियमों के अंतर्गत एक अनिवार्य आवश्यकता  मानने लगा है ।

पाचनतंत्र को भी विश्राम की जरूरत

यह सत्य है कि शरीर को चलाने के लिए वायु और जल की भांति भोजन भी  एक आवश्यक तत्व है, मगर भोजन की पूरी उपयोगिता तभी  है, जब स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन किया जाए ।

वस्तुतः शारीरिक संरचना  की दृष्टि से हमारा पाचन तंत्र भी एक मशीन की भांति है । जिस प्रकार निरंतर चलते रहने के पश्चात मशीन को तनिक विश्राम की जरूरत होती है, ठीक उसी तरह भोजन को पचाने के सतत कार्य में संलग्न पाचनतंत्र को भी कुछ  विश्राम की जरूरत होती है ।

सतत कार्य करते रहने से पाचन-तंत्र में कई प्रकार के अनुपयोगी तत्व एकत्रित होते रहते है। जब बिना पचा हुआ भोजन शरीर में एकत्र होकर सड़ने लगता है,  तब वह शरीर के रक्‍त को विषाक्त करने  लगता है | यह अनेक प्रकार की व्याधियां पैदा करने के लिए उत्तरदायी है ।

शरीर में संग्रहित अनुपयोगी व विजातीय तत्वों के परिशोधन के लिए सबसे सुलभ, सर्वोतम और प्राकृतिक उपाय उपवास ही है | उपवास अपने  आप मे एक सम्पूर्ण उपचार परिशोधन पद्धति है ।

अल्पायु में मरने का मुख्य कारण पाचन – तंत्र की गड़बड़ियां

शारीरिक और मानसिक विश्राम की दृष्टि से उपवास एक अनुपम प्राकृतिक देन है तथा यह आरोग्य की कुंजी है। सोवियत जीव विज्ञानी ब्लाड दीमीर निकिलन ने उपवास “ पर लंबे समय तक अनुसंधान किया और निष्कर्ष के तौर पर कहा कि यौवन को लंबे समय तक अक्षुण्ण रखने में उपवास की महत्वपूर्ण भूमिका है । उनके  शोध-परिणामों के अनुसार लोगो के अल्पायु में मरने का मुख्य कारण पाचन-तंत्र की गड़बड़ियां हैं, जो अधिक खाने से उत्पन्न होती हैं । ब्लाड दीमीर ने जोड़ो की असाध्य जकड़ने की बीमारी को पैतालीस दिन के उपवास से ठीक करने का सफल प्रयोग भी किया ।

उपवास fasting की बढ़ती लोकप्रियता

उपवास के बारे में हुए वैज्ञानिक अनुसंधानों के बाद अब इसकी लोकप्रियता बढ़ती जा रही है । अमरीका के सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉक्टर हर्बर्ट एम. शेल्टन ने उपवास की स्वास्थ्य की दृष्टि से विस्तृत व्याख्या करते हुए इस संबंध में एक पुस्तक “फास्टिंग केन सेव योर लाइफ” (उपवास से जीवन रक्षा) लिखी है | यह पुस्तक सम्पूर्ण विश्व में बहुत अधिक लोकप्रिय हुई है ।

प्राचीन ही नही, आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों में भी उपवास महत्वपूर्ण

प्राचीन काल मे सभी चिकित्सा पद्धतियों में विभिन्‍न रोगो के उपचार की औषधि के साथ उपवास का भी प्रावधान था । कई प्रकार के रोगों का उपचार तो मात्र उपवास के द्वारा ही किया जाता था । कालांतर में मनुष्य के जीवन में आई जटिलताओं ने उपवास जैसी नितांत प्राकृतिक व निर्दोष चिकित्सा पद्धति को बिसरा दिया ।

मगर अब आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में उपचार पद्धति के रूप में उपवास को महत्वपूर्ण माना जाने लगा है l  शिकागो के इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ डगलेश में फिजिक्स के प्रोफेसरों द्वारा उपवास के माध्यम से कई असाध्य रोगो का इलाज किया जा रहा है । लंबे उपवास द्वारा पेट की असाध्य बीमारियों, मूर्छा, असाध्य रूप से खून की कमी जैसे अनेक रोगो का सफल उपचार किया जा रहा है और उसके उत्साहवर्द्धक नतीजे भी मिल रहे है ।

चिकित्सा विज्ञान के विशेषज्ञ फ्यूरिगटन के अनुसार मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य, सौदर्य, यौवन और जीवन के वास्तविक आनंद की प्राप्ति का सबसे सरल प्राकृतिक उपाय है – सप्ताह में एक बार नियमित रूप से उपवास कीजिए । यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ आपके जीवन के आध्यात्मिक आधार को भी सुदृढ़ करता है ।

पश्चिमी देशों में उपवास की लोकप्रियता

आज पूरे विश्व में, खासतौर पर पश्चिमी देशों में उपवास की लोकप्रियता में लगातार वृद्धि हो रही है । स्वास्थ्य के दोनों आधारभूत सिद्धांतों रोगों से सुरक्षा और रोगों का उपचार मे उपवास समान रूप से प्रभावशाली चिकित्सा पद्धति सिद्ध हो रही है । उपवास से स्वास्थ्य वर्द्धन से लेकर आरोग्य संरक्षण जैसे अनेको लाभ हैं । विश्व के प्रमुख चिकित्सा शास्त्रियों और विचारकों ने अपने अनुभवों से इसकी महत्ता को स्वीकार किया हैं ।

उपवास से शारीरिक और मानसिक लाभ fasting

यदि हम उपवास के धार्मिक व आध्यात्मिक पक्ष को अनदेखा भी  कर दें तो भी शारीरिक और मानसिक रूप से होने वाले लाभ  ही हमें अपने जीवन-क्रम में उपवास को स्थान दिलाने हेतु पर्याप्त आधार रखते है | उपवास को अपनी दिनचर्या का अंग बनाइए । आज की तेज गति से दौड़ती मशीनी-जिदंगी में उपवास आपके लिए प्राकृतिक रूप से एक वरदान साबित हो सकता है ।

वैज्ञानिक तरीके से जानें उपवास करने के फायदे

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जाने उपवास करने के नुकसान

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