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नारियल के औषधीय गुण, उपयोग और सावधानियाँ | Benefits of Coconut in hindi

भारत के सांस्कृतिक और धार्मिक जीवन में नारियल का महत्व जगजाहिर है। किसी भी शुभकाम के प्रारंभ में , सगाई- विवाह एवं अन्य मांगलिक अवसरों पर नारियल एक अत्यंत आवश्यक एवं पवित्र वस्तु माना जाता है। इसलिए नारियल को ‘श्रीफल ‘ के नाम से भी जाना जाता है ।


नारियल के विभिन्न नाम और पर्यायवाची

हिंदी में नारियल, खोपरा, गोला कहे जाने वाले इस गुणकारी फल को मराठी में नारियल को नारल कहते हैं, गुजराती में नालियर, बांग्ला में नारिकेल संस्कृत में भी  नारिकेल तथा अंग्रेजी में कोकोनट (Coconut) नाम से पुकारा जाता है। लेकिन नारियल का वनस्पति शास्त्रीय नाम (biological name) ‘कोकस न्यूसीफेरा‘  है।

नारियल का पेड़ की जानकारी

वनस्पति जगत में नारियल को खजूर की जाति का पेड़ माना जाता है । नारियल उत्पादन में विश्व में भारत का दूसरा स्थान है। नारियल के वृक्ष भारत में प्रमुख रूप से केरल,पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में खूब उगते हैं। महाराष्ट्र में मुंबई तथा तटीय क्षेत्रों व गोआ में भी इसकी उपज होती है।
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नारियल का फल 10 से 15 फुट लंबा और 6 से 8 इंच व्यास का होता है। फल के ऊपर रेशों की गद्दी और उसके नीचे काठ  की मजबूत खोपड़ी बनी होती है । खोपड़ी के नीचे खाने योग्य सफेद गिरी रहती है तथा गिरी में पानी भरा रहता है । नारियल के पानी में मां के दूध के समान समस्त गुण उपलब्ध होने के कारण यह बच्चों के लिए अत्यधिक लाभदायक है।

नारियल कौन से रोगों के लिए लाभदायक है ? नारियल के औषधीय गुण क्या क्या हैं ?

इसके सेवन से पेट दर्द , कब्ज , कमजोरी आदि रोगों में लाभ होता है शरीर को रोग प्रतिरोधक शक्ति में भी यह वृद्धि करता है। आयुर्वेद के अनुसार नारियल की गिरी शीतल, देर से पचने वाली, पुष्टिकारक , बलदायक,रस रक्तादिवर्ध्दक , मूत्राशय- शोधक , वात,  पित्त वह  रक्त विकार को दूर करने वाली होती है।

नारियल की रासायनिक संरचना

(प्रति 100 ग्राम)

  • पानी: 37.3 ग्राम, 
  • कार्बोहाइड्रेट: 13.0 ग्राम, 
  • चिकनाई:41.6 ग्राम,
  • प्रोटीन :41.6 ग्राम,
  • खनिज लवण: 1.0 ग्राम
  • कैल्शियम : 0.1 ग्राम ,
  • आयरन : 1.7 ग्राम,
  • रेशा: 3.6 ग्राम,
  • फास्फोरस: 00.2 ग्राम।

नारियल में कौन कौनसे विटामिन पाए जाते हैं ?

इसके अलावा, नारियल में  विटामिन ए, बी और सी भी होता है । सौ ग्राम नारियल में  444 कैलोरी ऊर्जा पाई जाती है्।न केवल नारियल बल्कि इसका जल, फूल, जड़, तेल व चोटियों का औषधियों के रूप में प्रयुक्त होती है।

विभिन्न रोगों के उपचार में नारियल का उपयोग

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कब्ज, बवासीर में नारियल का इस्तेमाल

  • खूनी बवासीर के रोगी को नारियल की जटा को जलाकर उसकी राख में महीन पीसी हुई शक्कर मिलाकर 10 ग्राम मात्रा पानी के साथ सेवन करना चाहिए।
  • कब्ज की शिकायत होने पर नारियल की गिरी का उपयोग करना चाहिए। इसके रेशे आंतों को चिकनी कर देते हैं।
  • नारियल को पानी सहित सेवन करने से कब्ज दूर होता है।

केश रोग में नारियल के फायदे

  • बाल झड़ने की समस्या होने पर नियमित रूप से शुद्ध नारियल तेल में कपूर मिलाकर हल्का गर्म करके सिर में मालिश करें।
  • एक भाग नींबू का रस और दो भाग नारियल का तेल मिलाकर सिर में धीरे-धीरे मालिश करने से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं।
  • बाल सफेद होने पर नारियल के तेल में ताजा आंवले के टुकड़े डालकर तेल को खूब गर्म करें और बाद में छानकर शीशी में भर लें। इस तेल को नियमित रूप से कम से कम एक माह तक बालों में लगाएं।

खांसी में नारियल के फायदे

  • नारियल की जटा को जलाकर उसकी राख को शहद में मिलाकर दिन में दो बार लेने से दमा और खांसी में राहत मिलती है।
  • बच्चों को होने वाली कुकर खांसी में नारियल का शुद्ध तेल दिन में चार बार पांच-पांच बूंद पिलाएं।
  • सिगरेट पीने से होने वाली खांसी तथा सूखी खांसी के उपचार हेतु नारियल के ताजा दूध में एक-एक चम्मच शहद और खसखस मिलाकर रात्रि में शयन से पूर्व दें। अवश्य राहत मिलेगी।

नारियल के अन्य फायदे

  • प्रसव से कुछ महीने पहले यदि गर्भवती स्त्री नारियल की गिरी , मिश्री व मक्खन का नियमित रूप से सेवन करें तो संतान गौर वर्ण सुंदर तथा स्वस्थ उत्पन्न होगी।
  • अनिद्रा ,घबराहट ,हिचकी, ज्वर, अधिक प्यास लगना आदि कई रोगों में नारियल ताजा पानी पीना अत्यंत लाभदायक है।
  • नारियल खाने से चूहे के काटने का जहर उतर जाता है।
  • आग से जलने पर प्रभावित भाग पर नारियल का तेल और चूने का पानी मिलाकर लगाने से राहत मिलती है।
  • पेशाब में जलन होने पर हरा धनिया और गुड़ नारियल के पानी में मिलाकर पीना चाहिए
  • एक सप्ताह तक सवेरे बिना कुछ खाए नारियल का सेवन करने से नकसीर हमेशा के लिए ठीक हो जाती है।
  • जीभ अथवा मुंह पर छाले हो जाने पर नारियल की गिरी और मिश्री चबाते रहने से  से राहत मिलती है।
  • नारियल के तेल में नींबू का रस मिलाकर मालिश करने से त्वचा रोग तथा खुजली में लाभ होता है।
  • मासिक धर्म अनियमित तथा कम आने पर नारियल का सेवन करना चाहिए।
  • नारियल की गिरी के नियमित सेवन से वीर्य में शुक्राणुओं की वृद्धि होती है तथा वीर्य  गाढ़ा होता है ।नारियल कामोद्दीपक फल है, इसके सेवन से पुरुषार्थ शक्ति बढ़ती है।
  • नारियल के तेल की मालिश नाखूनों पर करने से नाखूनों की स्वाभाविक चमक और आयु बढ़ जाती है।
  • नारियल की 25 ग्राम से गिरी 60 ग्राम शक्कर में मिलाकर1 सप्ताह तक प्रतिदिन खाने से नेत्र ज्योति में वृद्धि होती है।
  • नारियल का पानी पीकर कच्चा नारियल खाने से पेट के कीड़े निकल जाते हैं।

नारियल के उपयोग में परहेज एवं सावधानियां

  • नारियल की गिरी सड़ी- गली या खट्टी हो तो सेवन नहीं करें।
  • नारियल की गिरी को ताजा सेवन करना ही बेहतर रहता है। पुरानी व बासी नारियल की गिरी  स्वास्थ्य की दृष्टि से नुकसानदेह हो सकती है।
  • एक बार में 40 -50 ग्राम से अधिक नारियल की गिरी सेवन नहीं करना चाहिए।
  • खांसी व दमा के रोगियों को नारियल की गिरी का सेवन यथासंभव नहीं करना चाहिए।