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रंगीन संसार तितलियों का | butterfly Information in Hindi

मनभावन रंग बिरंगी तितली देखते ही सबका मन प्रफुल्लित हो उठता है। यह छोटा सा जीव अपने आकर्षक,चमकदार चटख रंगों से सजा हुआ जब खूबसूरत फूलों पर मंडराता है तो बच्चों के साथ-साथ बड़ो का मन भी उसे पकड़ने के लिए लालायित हो उठता है।हम आपको तितलियों के बारे मए सम्पूर्ण जानकारी देते हैं !

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परिचय-तितलियों की जानकारी

जीव-जगत के ‘लेपीडाप्रेटा‘ समूह में तितलियों को रखा जाता है। इस समूह में कुल एक लाख चालीस हजार प्रकार की प्रजातियों में से अधिक हिस्सा शलभ अथवा माॅथ के रूप में पाया जाता है तथा तितलियों की कुल जातियों की संख्या 25000 के करीब पाई गई है।

तितलियों की शारीरिक संरचना

यह तो आप जानते ही हैं कि तितली का जन्म एक प्रकार के केटरपिलर से होता है। एक बार अण्डों से बाहर निकलने के पश्चात ये केटरपिलर पत्तियों को चबाना शुरू कर देते हैं। पालिफेमस माॅथ के लार्वा को दुनिया का सर्वाधिक पेटू जीव कहा जाता है। उतरी अमरीका में पाए जाने वाला यह लार्वा अपनी जिंदगी के प्रथम 48 घंटों में ही अपने वजन से 86000 गुना भोजन चट कर जाता है। तौबा-तौबा! कितना पेटू जीव होता है यह। अगर यही तुलना हम एक सात पौण्ड वाले नवजात शिशु से करें तो इसका मतलब यह होगा कि बच्चा सिर्फ दो दिन में 301 टन भोजन अपने पेट में डाल ले।

आगे पढ़ने से पहले माॅथ और तितली का फर्क भी जान लें। इन दोनों जीवों में हमें भ्रम नहीं होना चाहिए। एक ही समूह में रहते हुए भी इनकी दिनचर्या अलग-अलग होती है माॅथ या शलभ के शरीर पर बाल होते हैं, इसका शरीर भी तितली की अपेक्षा अधिक मजबूत होता है। तितली दिनचर होती है जबकि माॅथ अधिकतर रात्रि-चर होते हैं।

प्रजाति

ग्रेट ब्रिटेन एवं केनरी द्वीप समूह में पाया जाने वाला स्टेअन्टान तथा स्टिगमेला रिडिक्यूलोसा शलभ मात्र 0.08 इंच लम्बा-चैड़ा होता है। ‘इ्वार्फ ब्ल्यू नामक तितली जो दक्षिण अमरीका में पाई जाती है – के पंखों की चैड़ाई भी सिफ 0.55 इंच होती है।

यह विश्व की सबसे छोटी तितली हैं। इसके विपरित ‘क्वीन एलेकजेन्ड्रा बर्ड विंग‘ नामक तितली सबसे बड़ी होती है। पपुआ न्यगिनी में पाई जाने वाली इस तितली के एक पंख से दूसरे पंख तक की चैड़ाई 11 इंच से अधिक होती है। आपने अब तक कितनी बड़ी तितली देखी है? सोलोमन द्वीप समूह में पाई जाने वाली अर्निथोप्टेरिया अलोरिया नामक तितली की प्रजाति दुनिया में बहुत कम पाई जाती है। इसकी सिर्फ बारह जातियां ही मिलती हैं।

तितलियों से जुड़ी रोचक जानकारी

सन् 1966 में ऐसी ही एक तितली की नीलामी 2100 डाॅलर में हुई थी- अर्थात आज के तितलियों की घ्राण-शक्ति बड़ी तीव्र होती है। इनकी दूर दृष्टि भी जीव जगत में बहुत अधिक है। ये नौ फीट की दूरी तक देख सकती है। तिततियों को अपना प्रिय भोजन मकरंद प्राप्त करते समय कोई अन्य जन्तु इन्हें मारकर खा नहीं जाए इसलिए इन्हें प्रकृति ने इन्हें कुछ विशेष रंग भी प्रदान किए हैं। ‘डेडलीफ‘ तितली के पंख फैले होने पर चटकीले रंगो से युक्त दिखाई देते हैं किन्तु समेटने पर यह एक मुरझाई पत्ती के जैसी दिखाई देती है। इसका शिकारी जन्तु इसे मात्र एक पत्ती जनकर आगे बढ़ जाता है।

कुछ तितलियों के पंखों के पीछे की तरफ दो काले धब्बे होते हैं, जो शत्रु को आंख की तरह दिखाई पड़ते हैं। जब शत्रु इस झूठी आंख पर आक्रमण करता है उसे अपनी असली आंख से देख लेती है और बचकर भाग निकलती है। ‘क्लाउडेड यलो‘ नामक तितली इस प्रकार अपना बचाव करती है।
प्राकृतिक शत्रु से तितली अपना बचाव कर सकती है परन्तु मानव अपने स्वार्थ के लिए इनका विनाश करने पर तुला है। कितना अच्छा हो अगर हम तितली को पकड़ कर संजोने के बजाए उसे स्वच्ंछद विचरण करने दें।

उप-समूह

वृहतकुल हेडिलॉयडिया:
हेडिलिडीवृहतकुल हेस्परॉयडिया:
हेस्परायडी
वृहतकुल पेपीलियोनॉएडी
पेपीलियोनॉएडी
पियरिडी
निम्फ़ैलिडी
लाएसीनिडी