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Brahma | The story of the only Brahma temple in the world | कहानी संसार के एकमात्र ब्रह्मा मंदिर की

पद्म पुराण के मुताबिक ब्रम्हा ने राक्षस वध किया

हिन्दू धर्म ग्रन्थ पद्म पुराण के मुताबिक एक समय प्रथ्वी वज्रनाश नामक राक्षस ने उत्पात मचा रखा था l उसके जुल्मों से परेशान होक ब्रम्हा ने उसका वध कर  दिया l वध करते समय उनके हाथोँ से तीन कमल के फुल गिरे l  इन तीनो जगहों पर तीन झीले बनी l इसके बाद ही इस स्थान का नाम पुष्कर पड़ा l    

ब्रह्मा जी के दिमाग  में यज्ञ करने का विचार

इस घटना के बाद   धरती की खुशहाली  के लिए ब्रह्मा जी के दिमाग  में यज्ञ करने का विचार आया। इसके बाद उन्होंने यज्ञ के  स्थान  की खोज  शुरू की। तब  उन्होंने अपनी बांह से निकले हुए एक कमल के फूल को धरती पर गिराया। ऐसा माना  जाता है   कि ब्रह्मा जी का फूल जिस जगह पर गिरा , वहीं पर उनका मंदिर बनवाया गया। यह मंदिर  पुष्कर, राजस्थान  में स्थित है। कथा के अनुसार ,  ब्रह्मा जी पुष्कर यज्ञ करने पहुंचे। इस बीच  सभी देवी-देवता भी यज्ञ स्थल  पहुंच गए।

ब्रह्मा जी ने किया गायत्री  से विवाह

उनकी पत्नी सावित्री निर्धारित समय  पर नहीं पहुंच पाई। शुभ मुहूर्त का समय  निकला जा रहा था। इस यज्ञ को पूरा करने के लिए एक महिला  की जरूरत  थी। समय  निकला जा रहा था, लेकिन सावित्री का दूर दूर तक  कुछ पता नहीं था।  यज्ञ अगर वक्त पर  संपन्न  न होता तो इसका फायदा  नहीं मिलता। अत: ब्रह्मा जी ने उस समय एक स्थानीय ग्वालन गायत्री   से विवाह कर लिया और यज्ञ की शुरुआत की।

यज्ञ शुरु होने के थोड़ी देर बाद ही जब सावित्री वहां पहुंची तब उन्होंने अपनी जगह पर एक अन्य स्त्री को ब्रह्मा जी के साथ बैठा देखा। यह देखकर सावित्री बहुत क्रोधित हो गईं। उन्होंने उसी वक्त ब्रह्ना जी को श्राप दिया कि  इस पूरे विश्व  में कभी उनकी पूजाअर्चना  नहीं होगी और कोई भी व्यक्ति पूजा के समय उन्हें याद नहीं करेगा।

देवी सावित्री पास की पहाड़ी पर तपस्या में लीन

सावित्री का ग़ुस्सा जब ठंडा हुआ, तब उन्होंने यह कहा कि जिस स्थान में ब्रह्मा जी ने यज्ञ किया है, केवल उसी स्थान पर उनका मंदिर बनेगा। कोई भी दूसरी जगह उनका मंदिर बनाएगा तो उसका सर्वनाश हो जाएगाl यही कारण है कि इतने बड़े संसार में पुष्कर के अलावा ब्रम्हाजी का अन्यत्र कही मंदिर हिल  l  इसके बाद कहा जाता है कि देवी सावित्री पास में ही एक पहाड़ी पर तपस्या में लीन हो गईं और आज भी वहां उपस्थित हैं।

( Brahma ) ब्रह्मा जी एवं ब्रह्मा जी के मंदिर से सम्बंधित प्रश्न एवं उत्तर

Q.1 ब्रह्मा जी का मंदिर कहां कहां स्थित है ?

पूरे विश्व में ब्रह्मा जी का एकमात्र मंदिर पुष्कर (राजस्थान) में स्थित है!

Q.2 ब्रह्मा जी के मंदिर का निर्माण कब और किसने किया ?

ऐसा बताया जाता है, तकरीबन 1200 वर्ष पूर्व अरण्व वंश के शासक को सपना आया कि पुष्कर में इस जगह पर एक मंदिर जीर्ण शीर्ण अवस्था में है , जिसका रखरखाव किया जाना है। तब राजा ने इस अति प्राचीन मंदिर के अवशेषों को खड़ा किया। मंदिर के पीछे एक पहाड़ी पर सावित्री का मंदिर भी स्थित है।

Q.3 ब्रह्मा जी मंदिर पर मेला कब लगता है ?

प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर पुष्कर में मेला लगता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं।

Q.4 ब्रह्मा जी की पूजा वर्जित क्यों है ?

देवी सावित्री के श्राप की वजह से ब्रह्मा जी की पूजा वर्जित मानी गई है।

Q.5 ब्रह्मा जी ने अपनी पुत्री से शादी क्यों की ?

सरस्वती पुराण के मुताबिक , सृष्टि की रचना के समय ब्रह्मा जी ने सीधे अपने वीर्य से सरस्वती को जन्म दिया था। इस तरह सरस्वती की कोई मां नहीं केवल पिता ब्रह्मा थे। खुद ब्रह्मा सरस्वती के आकर्षण से स्वयं को बचा नहीं पाए।

Q.6 ब्रह्मा जी को श्राप किसने और क्यों दिया ?

यज्ञ में ब्रह्मा जी की पत्नी सावित्री अपनी जगह ब्रह्मा जी के साथ किसी अन्य स्त्री को बैठे देख कर क्रोधित हो गई और उसी समय उसने ब्रह्मा जी को श्राप दे डाला।

इसलिए नहीं है ब्रह्मा का कोई भी मंदिर नहीं

Brahma http://क्यों नहीं है ब्रह्मदेव का कोई भी मंदिर?