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Anise | सौंफ से सेहत पाइए

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(Anise)

सौंफ (Anise)के बारें में जानकारी

रसोईघर के मसालों में सौंफ का अपना स्थान है । सब्जियों में प्रयुक्त करने के अलावा , हमारे यहां खाना खाने के बाद मुख – शुद्धि के वास्ते सौंफ का प्रयोग किया जाता है । सौंफ का वानस्पतिक नाम ‘ फोनिक्यूलम वलगेरे है । सौंफ में स्थिर तेल 15 प्रतिशत तथा उड़नशील तेल 2.9 प्रतिशत तक होता है । इसके उड़नशील तेल में 60 प्रतिशत एनाथाल और फेनराल जैसे स्वाथ्यकारी तत्व होते हैं।

 सौंफ एक बहु – उपयोगी औषधि भी है । आयुर्वेद के अनुसार , सौंफ त्रिदोषनाशक , बुद्धिवर्द्धक , कफ – नाशक , पाचक , नेत्र – ज्योति वर्द्धक तथा उदर – विकार को नष्ट करने वाली होती है ।

सौंफ अपने आप में एक छोटा – मोटा घरेलू चिकित्सक है । आइए , सौंफ के चंद चमत्कारिक औषधिय गुणों से परिचित होते हैं :

विभिन्न रोगों में सौंफ(Anise) से घरेलू उपचार:

उदर रोग में उपयोगी सौंफ(Anise): 

भोजन करने के पश्चात थोड़ी सौंफ मिश्री मिलाकर खाने से पाचन शक्ति में वृद्धि होती है। इससे खाना भी आसानी से पच जाता है ।

नींबू के रस में भीगी हुई सौंफ खाने के बाद खाने से पेट का भारीपन दूर होता है , भूख अच्छी लगती है और कब्ज दूर हो जाती है ।

सौंफ को पीसकर इस आधा चम्मच सौंफ – चूर्ण में एक चम्मच शक्कर मिलाकर रात्रि को सोते समय दूध के साथ सेवन करने से नेत्र ज्योति में वृद्धि होती है । खाने के बाद सौंफ खाने की आदत से मुंह में छाले भी नहीं पड़ते ।

भुनी हुई सौंफ और मिश्री समान मात्रा में मिलाकर हर 2 घंटे में 6 बार दो चम्मच ठंडे पानी से लेने पर मरोड़दार दस्त, आंव और पेचिश में लाभ होता है।

पेट दर्द की शिकायत होने पर सिर्फ सौंफ और सेंधा नमक समान मात्रा में मिलाकर पीस लें । यह दो चम्मच चूर्ण गर्म पानी से सेवन करें ।

सोते समय आधा चम्मच पिसी हुई सोंठ की पक्की गर्म पानी से लेने से कब्ज में राहत मिलती है। कब्ज की समस्या अधिक है तो सौंफ,हरड़ और शक्कर प्रत्येक आधा चम्मच मिलाकर पीसकर गर्म पानी से सोते समय लें।

मस्तिष्क विकार रोग में उपयोगी सौंफ(Anise) :

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मस्तिष्क – विकार में सौंफ खासी उपयोगी होती है । मस्तिष्क की कमजोरी के अलावा , चक्कर आना , याददाश्त कमजोर होना आदि में सौंफ का नियमित सेवन  उपयोग होता है।

10 ग्राम सौंफ, आधा लीटर पानी में उबालें। चौथाई रहने पर छानकर गाय का पावभर दूध और 15 ग्राम घी और स्वादानुसार चीनी मिलाकर पिएं। नींद नहीं आने की समस्या हल हो जाएगी।

सौफ को हल्की हल्की कूटकर ऊपर के छिलके उतारकर छान लें। इस तरह अंतर की मींगी निकालकर समान मात्रा में मिश्री मिलाकर पीस लें। इस चूर्ण को एक चम्मच सवेरे एक चम्मच शाम ठंडे पानी या गर्म दूध से सेवन करने से स्मरण शक्ति बढ़ती है और मस्तिष्क में शीतलता रहती है।

छोटे बच्चों की स्वास्थ्य समस्याएं में उपयोगी (Anise) सौंफ:

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बच्चे के दांत निकलने के समय होने वाली तकलीफ से राहत दिलाने के वास्ते दूध में मोटी सौंफ उबालकर , छानकर बोतल में भर लें और यह दूध एक – एक चम्मच दिन में चार बार पिलाएं । दांत निकलने में अधिक तकलीफ नहीं होगी ।

रात को एक चम्मच सौंफ आधा कप पानी में भिगो दें। प्रात:काल सौंफ को मसलकर छान लें ।इस पानी को दूध में मिलाकर पिलाने से बच्चों का पेट फूलना, गैस बनना, पेट- दर्द ठीक हो जाता है।

छोटे बच्चों के पतले दस्त, पेचिश में 6 ग्राम सौंफ 100 ग्राम पानी मैं उबालें। बच्चों को दिन में तीन बार बारह ग्राम पानी देने से बहुत लाभ होगा।

छोटे बच्चों को अफारा होने पर सौंफ को पानी में उबालकर इस पानी की एक – एक चम्मच बच्चे को थोड़ी – थोड़ी देर में दें । अफारा उतर जाएगा और बच्चा काफी राहत महसूस करेगा ।

त्वचा रोग में उपयोगी (Anise) सौंफ:

 धनिया तथा सौंफ समान मात्रा में पीस लें । इसमें डेढ़ गुना घी तथा दुगनी शक्कर मिलाकर रखें । इस मिश्रण को रोजाना सवेरे शाम दो छोटी चम्मच भरकर खाएं । इससे खुजली और अन्य त्वचा संबंधी विकारों में लाभ होगा ।

नाभि खिसकना में उपयोगी (Anise) सौंफ:

 यदि बार – बार नाभि का अपने स्थान से हटने की आपको शिकायत है , तो दो चम्मच सौंफ पीसकर गुड़ में मिलाकर सात दिनों तक ठंडे पानी से लेने से आपकी यह शिकायत दूर हो जाएगी ।

माता के स्तन से पर्याप्त दूध नहीं उतरना:

यदि माता के स्तन से दूध पर्याप्त नहीं उतरता है , तो जीरा , सफेद सौंफ और मिश्री समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें । अब यह चूर्ण एक छोटी चम्मच एक गिलास दूध के साथ माता को दें । यह चूर्ण दिन में तीन दफा दूध के साथ ही लेना चाहिए । आश्चर्यजनक लाभ होगा ।

अन्य रोग में उपयोगी(Anise) सौंफ:

खट्टी डकारे आने पर भी थोड़ी सी सौंफ का चूर्ण गुनगुने पानी से लेने से आराम मिलता है । सौंफ का चूर्ण गुलाब के गुलकंद के साथ सुबह – शाम सेवन करने से भी कब्ज में राहत मिलती हैं ।

ज्वर में सौंफ पानी में उबालकर दो – दो चम्मच देते रहने से ज्वर का ताप नहीं बढ़ता ।

संग्रहणी रोग में भोजन के बाद आधी कच्ची और आधी भुनी हुई सौंफ तैयार करवा कर नियमपूर्वक दोनों समय सेवन करें ।

 सौंफ और अजवाइन दो – दो चम्मच लेकर आधा किलोग्राम पानी में डालकर उबालें । फिर दो चम्मच शहद में मिलाकर छान लें । इसकी तीन चम्मच हरेक घंटे बच्चे को पिलाने से उसकी खांसी ठीक हो जाती है ।