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आंवले के फायदे और घरेलु उपचार | Amla benefits and home remedies in hindi

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आंवले के फायदे बहुत हैं, इन्हें भारतीय चिकित्सा पद्धति में आंवला एक महत्वपूर्ण फल माना गया है। प्राचीन ऋषि चरक और सुश्रुत से लेकर आधुनिक चिकित्सा शास्त्रियों ने एक मत से आंवले की उपयोगिता और गुणवत्ता को सदैव स्वीकारा।

 आंवले को बंगाली में आमला, गुजराती में अम्बल, तेलगू, कननड़ और मलयालम में ‘नेल्ली’ रबी भाषा में आमलूज संस्कृत में आम्रलक कहा जाता है। अमृतफल, आमलकी, जातिफल,घाड़ीफल आदि भी आंवले के पर्याय शब्द है।

आंवले को विटामिन ‘सी” का भंडार कहा जाता है। भारत सरकार के हेल्थ-बुलेटिन नं0 28 के  ऑनसार प्रति 100 ग्राम आंवले में 600 मिलीग्राम विटामिन सी विद्यमान रहता है। सामान्य मान्यता के अनुसार, एक ताजा आंवले में एक नारंगी की अपेक्षा बीस गुना अधिक विटामिन सी होता है।

आयुर्वेद के अनुसार, आंवला तीखा शीतलतादायक और मृदु-विरेचक होता है। यह वात, कफ और पित्त नाशक है। यह रक्त की कमी और शरीर की आवश्यक गर्मी को दूर करता है। नेत्र – ज्योति के लिए आंवले का नियमित उपयोग लाभप्रद माना गया है।

आंवला एक सस्ता फल है, लेकिन अनेकानेक गुणों से युक्त होने के कारण इसे ‘अमृतफल’ की पज्ञा दी गई है। आंवला ताजा और सुखाया दोनों रूपों में काम में लिया जा सकता है। फलों में यह एकमात्र ऐसा फल है, जिसके विटामिन उबालने या सुखाने पर भी नष्ट नहीं होते। कई व्यक्तियों की यह धारणा है कि ताजा आंवला अधिक गुणकारी होता है। मगर विविध प्रयोगों ने यह सिद्ध कर दिया है कि सूखा आंवला ताजे आंवले की तुलना में अधिक गुणकारी होता है। सूखे आंवले में विटामिन सी, अम्ल, स्टार्च, टैनिन, प्राकृतिक शर्करा आदि ताजे आंवले की  प्रपेक्षा अधिक मात्रा में विद्यमान होती है।

आंवले की रासायनिक संरचना :

प्रोटीन : 0.5 %,
खनिज लवण : 0.7 %,
कार्बोज (carbs) : 4 %,
वसा (cholesterol) : 0 %
रेशा : 0.05 %
जल : 87.2 %

आंवले में कोनसे विटामिन होते हैं ?

पके आंवले में उक्त तत्वों के अतिरिक्त गैलिक एसिड, निर्यास, शर्करा तथा अल्व्यूमिनियम भी थोड़ी-थोड़ी मात्रा में होता है। हां, विटामिन ए और सी आंवले में प्रचुर मात्रा में विधमान होता। 1 आवला करीब 600 मिलीग्राम विटामिन C देता हैं।

आंवला कब खाना चाहिये ?

आंवला खाने का सबसे अच्छा समय सुबह होता है। यह शरीर से अतिरिक्त विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है और पाचन तंत्र को सक्रिय करता हैं।

आंवला का सेवन कब और कैसे करें ?

सुबह खाली पेट आंवला जूस केवल 10 मिलीग्राम ही लें। बढ़ाकर 20 मिलीग्राम कर सकते हैं। सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ आंवला जूस लेने से वजन घटाया जा सकता है। शरीर को डीटॉक्स करता है और विषैले पदार्थ रुकने नहीं देता।आंवला खून साफ करता है. एंटी-ऑक्सीडेंट और विटामिन-सी का अच्छा स्रोत माना जाता है।

विभिन्‍न रोगों के उपचार में आंवले के उपयोग

मधुमेह में आंवले के फायदे :

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  • शहद के साथ आंवले के रस का मिश्रण कर सेवन करने से मधुमेह में लाभ होता है।
  • एक कप करेले के रस में तीस मिलीलीटर आंवले का रस मिलाकर नियमित रूप से सेवन से शरीर में इन्सुलिन का स्तर संतुलित होता है।
  • सूखे आंवले तथा जामुन की सूखी गुठली का चूर्ण गाय के दूध के साथ लेने से डायबिटीज में लाभ होता है।

नेत्र रोग में आंवले के फायदे :

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  • प्रतिदिन चार बूंद आंवले का रस आंखों में डालने से नेत्र ज्योति में वृद्धि होती है।
  • रात में सोते समय आंवले का चूर्ण शहद में मिलाकर सेवन करें।
  • आंवले के मुरब्बे का नियमित रूप से सेवन करें।
  • आंवला चूर्ण को रात-भर पानी में भिगोकर सुबह छान लें तथा उस पानी से आंखे धोएं। यह नेत्र ज्योति हेतु विशेष रूप से लाभप्रद है।

आंवले से नकसीर रोग का घरेलू उपचार :

  • आंवले को शुद्ध घी में तलकर पीस लें तथा उस चूर्ण का मस्तक पर लेप करें। इससे नकसीर बंद हो जाती है।
  • आंवले को पानी में पीसकर ललाट और नाक पर लेप करने से नाक से खून आना रूक जाता है।
  • आंवले का रस नाक में बूंद-बूंद करके टपकाने से भी नकसीर रूक जाती है।

आंवले से मूत्र रोग ा घरेलू उपचार :

  • 20 मिलीग्राम आंवले का रस, इतनी ही मात्रा में केले की पत्ती का रस और 10 मिली ग्राम बेलपत्र के रस को शहद व दूध में मिलाकर प्रतिदिन दो माह तक लेने से गुर्दा तथा मूत्र रोगों में लाभ होता है।
  • पेशाब में जलन होने पर ताजा आंवले के रस में आधी मात्रा में शहद मिलाकर दो-दो घंटे के अंतर से सेवन करें।

आंवले से कब्ज कघरेलू उपचार :

  •  सोते समय एक चम्मच आंवले का चूर्ण लेने से < दूर होता है। इसके नियमित सेवन सेआंतों की सफाई होकर पुराना कब्ज भी दूर हो जाता है।
  • आंवले को रातभर पानी में भिगोकर उस पानी में एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर सेवन करने से कठोर कब्ज दूर हो जाता है।
  • आंवले के नियमित सेवन से बवासीर जैसे रोगों में आश्चर्यजनक लाभ होता है।

आंवले से कृमि रोग का घरेलू उपचार :

  • एक सप्ताह तक नियमित रूप से ताजा आंवले के रस का सेवन करने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं।

आंवले से पाचन दोष का घरेलू उपचार :

  • भोजन के बाद सूखे आंवले की सुपारी पाचन तंत्र को सकिय करती है।
  • खाने के बाद एक चम्मच आंवले का चूर्ण खाने से पाचन शक्ति बढ़ती है तथा मल बंध कर आता हैं।

आंवले से गठिया का घरेलू उपचार :

  • 250 ग्राम पानी में 20 ग्राम सूखे आंवले तथा 40 ग्राम गुड़ उबालें, पानी एक चौथाई रह जाने पर इसे छानकर दिन में दो बार पीएं।
  • आंवले के रस को पुराने घी में पकाकर सेवन करें, गठिया के दर्द में लाभ होगा।

बालों के लिए आंवला के फायदे और घेरलू उपचार (Benefits of Amla for Hairs in Hindi)

  • आंवले के सेवन से बाल प्राकृतिक रूप से काले हो जाते हैं।
  • सूखे आंवले व मेंहदी का मिश्रण कर उसे रातभर भिगोकर प्रातः इससें बाल धोने से बाल लम्बे और मुलायम होते हैं।
  • आंवले को रात-भर पानी में भिगोकर मसल लें। इसमें नींबू का रस मिलाकर बाल धोएं।बाल झड़ना रूक जाएगा।
  • नियमित रूप से आंवला सेवन करने से बाल मजबूत होते है और रूसी की समस्या भी कम होती हैं।
  • आंवले के तेल को जैतून के साथ मिलाकर लगाने से

बालों की ग्रोथ के लिए आंवला तेल

सामग्री :

  • दो चम्मच आंवला पाउडर
  • दो चम्मच नारियल या जैतून तेल

बनाने की विधि :

  • एक पैन में तेल को गर्म करें और इसमें आंवला पाउडर बालों के लिए डालें।
  • तेल को तब तक गर्म करें, जब तक कि इसका रंग भूरा न हो जाए।
  • फिर गैस को बंद करके तेल को ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
  • एक बार जब पाउडर जम जाए, तो तेल को एक कटोरे में इकट्ठा कर लें।
  • जब यह गुनगुना हो, तो इससे अपने बालों और स्कैल्प पर 15 मिनट तक मालिश करें।
  • मालिश के बाद आधे घंटे तक तेल को बालों में लगा रहने दें।
  • फिर हल्के या सल्फेट-फ्री शैम्पू और गुनगुने या ठंडे पानी से बाल धो लें।

कब लगाएं?

  • इसे हफ्ते में तीन बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

आंवले से अन्य घरेलू उपचार :

  • आंवला चूर्ण तथा शहद मिलाकर सेवन करने से खांसी में राहत मिलती है।
  • आंवला चूर्ण में चमेली का तेल मिलाकर त्वचा पर लेप करने से खुजली दूर होती है।
  • गर्भवती स्त्री को प्रतिदिन आंवले का मुरब्बा खिलाने से उल्टी कै आदि रूकती है तथागर्भस्थ शिशु का रंग गोरा होता है।
  • आंवले का चूर्ण गाव के दूध के साथ सेवन करने से हृदय रोग में राहत मिलती है।
  • ताजा आंवले का रस लगाने से कटे हुए स्थान से खून बहना रूक जाता है।
  • आंवले के मुरब्बे का नित्य सेवन करने से मस्तिक को ताजगी मिलती तथा स्मरणशक्ति मेंवृद्धि होती है।
  • आंवले तथा धनिये का पाऊडर बराबर मात्रा में मिलाकर रात-भर पानी में गलाकर रख दें।
  • सुबह पानी को छानकर मिश्री मिलाकर पीने से घबराहट और चक्कर आने जैसे रोग दूरहोजाते है।

आंवले से जुड़ी परहेज / सावधानियां

  • आंवले के अचार व चटनी का अधिक सेवन हानिकारक हो सकता है।
  • आंवले की तासीर ठंडी होती है। सर्दी, जुकाम व अन्य शीत रोगों में इसका उपयोग. साव६ग़नी से करना चाहिए।
  • आंवले के रस का उपयोग रस निकालने के तत्काल बाद कर लेना चाहिए। अधिक देर होने पर उसके लाभदायक तत्व नष्ट हो सकते हैं।

कैसे करे आंवले का उपयोग