Hanif Mohammed

हनीफ मोहम्मद : लगातार 999 मिनट तक बल्लेबाजी | 999 minutes betting

करें 7
हनीफ मोहम्मद

हनीफ मोहम्मद : लगातार 999 मिनट

यदि आपसे कहा जाए कि किसी बल्लेबाज ने लगातार साढ़े सोलह घंटों तक बल्लेबाजी की , तो क्या आप विश्वास करेंगे ? आप भले ही विश्वास न करें , लेकिन यह सच है कि टेस्ट मैच के दौरान एक बल्लेबाज ने सोलह घंटों और उनचालीस मिनट तक बल्लेबाजी कर एक अनूठा कीर्तिमान कायम किया । विश्व – क्रिकेट में अपने ढंग का यह अनोखा रिकार्ड पाकिस्तान के हनीफ मोहम्मद के नाम दर्ज हैं ।                                                                                                                                                                                                                           

सन 1958 का वाकिया है , जब पाकिस्तान की क्रिकेट टीम ने वेस्ट – डंडीज का पहला दौरा किया । ब्रिजटाउन में पहला टेस्ट मैच था , जो छह दिवसीय था । मैच की शर्तों के मुताबिक प्रतिदिन तीन सौ मिनट का खेल होना था ।

मनोवैज्ञानिक दबाव में पाकिस्तानी टीम

करें 6 1
(हनीफ मोहम्मद)

वेस्ट इंडीज ने अपनी पहली पारी में नौ विकेट पर 579 रन बनाए । यह एक बड़ा स्कोर था और इसका मनोवैज्ञानिक दबाव पाकिस्तानी टीम पर पड़ना स्वाभाविक ही था । पाकिस्तानी टीम कुल जमा 106 रन बनाकर आउट हो गई । प्रारंभिक बल्लेबाजों हनीफ मोहम्मद और इमतियाज ने कमशः 17 और 20 रनों का योगदान किया । वेस्ट इंडीज के तेज गेंदबाज राय गिलक्रिस्ट और कोली स्मिथ की गेंदों ने पाकिस्तानी खेमे में दहशत फैला दी और  कोई भी बल्लेबाज उनका मुकाबला नहीं कर सका ।

फालोऑन खेलना पड़ा पाकिस्तान को

वेस्ट इंडीज ने पाकिस्तान को फालोआन खेलने को कहा । पारी की हार से बचने के वास्ते अभी पाकिस्तान को 474 रन बनाने थे और मैच खत्म होने में साढ़े तीन दिन का समय शेष था । हर सूरत में यह दिखाई दे रहा था कि पाकिस्तान मैच को बचा नहीं पाएगा और बुरी तरह परास्त होगा ।

20 जनवरी 1958 को दोपहर बाद 2 बजकर 37 मिनट पर पाकिस्तान ने अपनी दूसरी पारी की शुरुआत की । 3 बजकर 40 मिनट पर चायपान के वक्त 63 मिनट के खेल में पाकिस्तान का स्कोर था बिना कोई विकेट खोए 79 रन । हफीज 30 और इमतियाज 41 रन बनाकर क्रीज पर थे । चायपान के बाद 90 मिनट के खेल में स्कोर था एक विकेट पर 162 रन । आउट होने वाला खिलाड़ी था । इमतियाज , जिसने 91 शानदार रन बनाए । पहले विकेट की साझेदारी में कुल 152 रन बने ।

खेल के चौथे दिन बने केवल 177 रन

टेस्ट – मैच के चौथे दिन हनीफ मोहम्मद ( 61 ) और अलीमुद्दीन ( 1 ) ने खेलना शुरू किया । लंच के समय तक स्कोर था- एक विकेट पर 219 रन । हनीफ अपनी सेंचुरी पूरी कर चुके थे । लंच और टी – टाइम के दरमियान अलीमुद्दीन 36 रन बनाकर आउट हो गए । तब तक दूसरे विकेट की साझेदारी में शानदार 112 रन बन चुके थे । अलीम के बाद सईद खेलने आए । दोनों ने मिलकर खेल – समाप्ति के वक्त तक स्कोर को 339 तक पहुंचा दिया । चौथे दिन केवल 177 रन बने थे लेकिन पाकिस्तान को इसकी एवज में केवल एक विकेट गंवाना पड़ा ।

पांचवे दिन भी गिरा केवल एक ही विकेट

पांचवे दिन हनीफ ने 161 तथा सईद ने 27 से आगे खेलना प्रारंभ किया । पाकिस्तान का तीसरा विकेट सईद के रूप में 418 पर गिरा , तब तक सईद ने 65 रन बनाए थे । पांचवे दिन भी केवल एक ही विकेट गिरा । खेल – समाप्ति पर स्कोर तीन विकेट पर 525 था । उस वक्त हनीफ मोहम्मद 270 और उनके बड़े भाई वजीर मोहम्मद 31 रन बनाकर नाट – आउट थे ।

… और असंभव लगने वाला मैच हनीफ मोहम्मद बचा ले गया

करें 5
(हनीफ मोहम्मद)

खेल के छठे और अंतिम दिन दोनों भाईयो ने पारी को आगे बढ़ाया । 121 रन की चौथे विकेट की साझेदारी के पश्चात वजीर आउट हो गए । हनीफ दीवार की तरह डटे हुए थे । पांचवे विकेट की भागीदारी में वालिस मथायस के साथ उन्होंने 59 रन जोडे । वालिस 17 रन बनाकर आउट हुए ।

आखिरकार 999 मिनट की शानदार और अजीमुश्शान पारी के बाद हनीफ 337 के व्यक्तिगत स्कोर पर एटकिंसन की एक गेंद पर विकेट – कीपर अलेक्जेंडर द्वारा कैच आउट हो गए । हनीफ की यह साहसिक पारी न केवल टेस्ट – किकेट की , बल्कि प्रथम श्रेणी किकेट के इतिहास की सर्वाधिक लम्बी पारी है । विश्व – क्रिकेट के इतिहास में

हनीफ की यह पारी इसलिए भी यादगार मानी जाएगी क्योंकि यह उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में खेली थी । उन्होंने जब पारी की शुरूआत की थी , तब कोई यह मानने को राजी नहीं था कि पाकिस्तान इस निश्चित – सी लगने वाली हार को बचा लेगा ।

हनीफ ने विश्व रिकार्ड कायम करने वाली अपनी इस पारी में 26 चौके लगाए . सोलह बार उन्हें तीन रन मिले , चालीस बार दो रन और एक सौ पांच बार एक रन ।

हनीफ की इस अविस्मरणीय पारी की तारीफ में अखबार रंग गए थे । प्रख्यात क्रिकेट समीक्षक अलेबस बेनिस्टर ने लिखा है – ‘ सोलह घंटे 39 मिनट की उस संघर्षमय पारी के दौरान..हनीफ की त्वचा उखड़ने लगी थी और उसकी पलकें करीब – करीब गायब हो गई थीं ।.